प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के करेली थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के कथित अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वारदात टल गई और घटना में इस्तेमाल की गई कार के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
खांसी की दवा लेने निकले थे पति-पत्नी
पीड़ित रमीज़, जो शाहगंज थाना क्षेत्र के बख्शी बाजार के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे हुए थे। देर रात दोनों ई-ऑटो से खांसी की दवा लेने अपोलो फार्मेसी जा रहे थे।
रास्ते में कार ने रोका, जबरन बैठाने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, पहलवान चौराहे के पास एक सफेद कार ने ई-ऑटो को ओवरटेक कर रुकवा लिया। इसके बाद कार सवार लोगों ने कथित तौर पर दोनों को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और किसी अड्डे पर ले जाने की बात कही। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कार के भीतर आरोपियों ने अश्लील हरकतें भी कीं।
पुलिस की सक्रियता से बची जान, मोबाइल बना सबसे बड़ा सुराग
घटना की सूचना किसी व्यक्ति ने करेली थाना पुलिस को दे दी। पुलिस के सक्रिय होने की जानकारी मिलते ही आरोपी घबरा गए और पति-पत्नी को कार से धक्का देकर मौके से फरार हो गए। इस दौरान पीड़ित का मोबाइल फोन कार में ही छूट गया, जो बाद में पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।
लोकेशन ट्रेस कर तीनों आरोपियों को दबोचा गया
मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। उपनिरीक्षक अजीत मौर्य, उपनिरीक्षक रोहित नागर और सिपाही युवराज ने शाहगंज क्षेत्र में घेराबंदी कर घटना में इस्तेमाल की गई कार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
‘भारत सरकार’ लिखी कार से वारदात, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान सुनील, आशीष और सूरज के रूप में हुई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दंपति को बाहरी व्यक्ति समझकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, जिस कार का इस्तेमाल किया गया था, उस पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। अब यह भी जांच की जा रही है कि वाहन पर यह लिखावट किस उद्देश्य से की गई थी और इसका उपयोग किस तरह किया जा रहा था।
आरोपियों को जेल भेजा गया
थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायालय में पेशी के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
